नई दिल्ली । गंगा सप्तमी का पावन पर्व आज 23 अप्रैल गुरुवार को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जा रहा है यह दिन वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को आता है और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान और दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन के समस्त पापों का नाश होता है इस वर्ष गंगा सप्तमी की तिथि 22 अप्रैल की रात 10 बजकर 49 मिनट से शुरू होकर आज 23 अप्रैल की रात 8 बजकर 49 मिनट तक रहेगी ऐसे में पूरे दिन श्रद्धालु मां गंगा की पूजा और विशेष उपाय कर सकते है आज का मध्याह्न मुहूर्त सुबह 11 बजकर 01 मिनट से दोपहर 1 बजकर 38 मिनट तक रहेगा इस समय गंगा स्नान और पूजा करना विशेष फलदायी माना गया है जो लोग इस शुभ समय में मां गंगा की आराधना करते हैं उन्हें जीवन में सुख शांति और समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है
गंगा सप्तमी से जुड़ी पौराणिक कथा भी अत्यंत प्रेरणादायक है कहा जाता है कि राजा भगीरथ ने अपने 60 हजार पूर्वजों की मुक्ति के लिए कठोर तपस्या की थी उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी ने गंगा को अपने कमंडल से पृथ्वी पर प्रकट किया और यह घटना वैशाख शुक्ल सप्तमी के दिन ही हुई थी जब गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुईं तो भगवान शिव ने उन्हें अपनी जटाओं में धारण किया और फिर धीरे धीरे पृथ्वी पर प्रवाहित किया गंगा के स्पर्श से राजा सगर के पुत्रों को मोक्ष प्राप्त हुआ और तभी से यह दिन गंगा सप्तमी के रूप में मनाया जाता है
इस दिन पूजा विधि का विशेष महत्व है सुबह स्नान कर मां गंगा का स्मरण करना चाहिए यदि गंगा नदी तक जाना संभव न हो तो स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर स्नान किया जा सकता है इसके बाद मां गंगा की प्रतिमा या चित्र की पूजा करें उन्हें सफेद वस्त्र अर्पित करें और सिंदूर चढ़ाकर आरती करें गंगा चालीसा का पाठ करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है साथ ही ओम नमो गंगायै विश्वरूपिणी नारायणी नमो नमः और गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती नर्मदे सिंधु कावेरी जलेस्मिन सन्निधिम कुरु जैसे मंत्रों का जाप विशेष फल देता है
गंगा सप्तमी पर कुछ सरल उपाय करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ सकते हैं सबसे पहला उपाय है गंगा स्नान या गंगाजल से स्नान करना जिससे मन और शरीर दोनों पवित्र होते हैं दूसरा उपाय है स्नान के बाद शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित करना इससे सभी मनोकामनाएं पूर्ण होने की मान्यता है तीसरा उपाय उन लोगों के लिए खास है जिनके विवाह में बाधा आ रही है ऐसे लोग गंगाजल में हल्दी मिलाकर स्नान करें इसे अत्यंत प्रभावी उपाय माना जाता है
दान का भी इस दिन विशेष महत्व है पानी से भरा घड़ा दान करना प्याऊ लगवाना जरूरतमंदों को वस्त्र देना और तिल का दान करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है गंगा सप्तमी केवल एक पर्व नहीं बल्कि आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति का अवसर है इस दिन किए गए छोटे छोटे कार्य भी जीवन में बड़े सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं
