नई दिल्ली । मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है जहां लेबनान के दक्षिणी हिस्से में हुए इजरायली हमले में एक पत्रकार समेत पांच लोगों की मौत हो गई इस घटना ने हाल ही में हुए सीजफायर के बाद बन रहे शांति माहौल को झटका दिया है गौरतलब है कि इजरायल और लेबनान के बीच 17 अप्रैल को दस दिनों का युद्धविराम लागू हुआ था और इसी दौरान अगली वार्ता की तैयारी चल रही थी
लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी के मुताबिक हमले दक्षिणी क्षेत्र के अत तिरी गांव में हुए जहां पहले एक कार को निशाना बनाया गया जिसमें सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई इसके बाद उसी इलाके में एक इमारत पर एयर स्ट्राइक किया गया जिसमें पत्रकार अमल खलील की मौत हो गई जबकि एक अन्य पत्रकार जैनब फराज घायल हो गईं
इस घटना पर लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पत्रकारों को निशाना बनाना और राहत टीमों को बाधित करना गंभीर युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायल द्वारा मीडियाकर्मियों को टारगेट करना अब अलग-थलग घटना नहीं बल्कि एक आम रणनीति बनती जा रही है जिसे पूरी तरह अस्वीकार्य माना जाना चाहिए
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि लेबनान इन घटनाओं को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाएगा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगा उन्होंने मृत पत्रकार अमल खलील के परिवार और पूरे मीडिया समुदाय के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायल पत्रकार के जल्द स्वस्थ होने की कामना की
वहीं इजरायली सेना का दावा है कि जिन वाहनों को निशाना बनाया गया वे Hezbollah से जुड़े एक सैन्य ढांचे से निकले थे हालांकि इस दावे को लेकर विवाद बना हुआ है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब दोनों देशों के बीच बातचीत का अगला दौर प्रस्तावित है ऐसे में इस हमले से शांति प्रक्रिया पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है फिलहाल क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस घटनाक्रम पर टिकी हुई हैं
