करैरा (शिवपुरी)। ब्लॉक करैरा के सहायक एवं प्राथमिक शिक्षक पिछले दो माह से वेतन के लिए भटक रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे हैं। फरवरी और मार्च 2026 का वेतन आज तक जारी न होने से शिक्षकों में जबरदस्त आक्रोश पनप गया है।
म.प्र. तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ, तहसील शाखा करैरा ने जिला शिक्षा अधिकारी को कड़ा ज्ञापन सौंपते हुए साफ कहा है कि यदि तत्काल वेतन जारी नहीं किया गया, तो आंदोलन अवश्यंभावी होगा।
संघ के तहसील अध्यक्ष पं. मनोज कुमार त्रिपाठी ने दो टूक कहा कि वेतन न मिलने से शिक्षक आर्थिक संकट में डूबते जा रहे हैं। EMI, बैंक ऋण और पारिवारिक खर्चों का बोझ बढ़ता जा रहा है, ऊपर से देरी के कारण पेनाल्टी अलग से झेलनी पड़ रही है।
इतना ही नहीं, आयकर कटौती में देरी और वित्तीय गड़बड़ी का खतरा भी मंडरा रहा है, जिससे शिक्षकों पर अतिरिक्त आर्थिक दंड का संकट खड़ा हो सकता है। सवाल यह है कि जब शिक्षक ही परेशान हैं, तो शिक्षा व्यवस्था कैसे सुचारू चलेगी?
क्या प्रशासन जानबूझकर इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज कर रहा है?
संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ, तो शिक्षक सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। अब देखना यह है कि प्रशासन चेतता है या फिर आंदोलन की आग भड़कती है…
