पुतिन ने स्पष्ट किया कि इस तरह की मुलाकात तभी संभव है जब दोनों देशों के बीच विशेषज्ञ स्तर पर पूरा और ठोस शांति समझौता पहले से तैयार हो जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि बातचीत की बजाय यह बैठक सिर्फ औपचारिक प्रक्रिया का अंतिम चरण होनी चाहिए।
रूसी राष्ट्रपति ने पुराने Minsk agreements का हवाला देते हुए कहा कि पिछली शांति प्रक्रियाओं की तरह लंबी और असफल चर्चाओं से बचना जरूरी है। उनका कहना है कि इस बार पहले तकनीकी और विशेषज्ञ स्तर पर सभी मुद्दों को पूरी तरह सुलझाया जाना चाहिए, ताकि बाद में नेताओं की मुलाकात सिर्फ हस्ताक्षर तक सीमित रहे।
यह युद्ध फरवरी 2022 में शुरू हुआ था और अब अपने पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। पुतिन के इस बयान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति की दिशा में एक संभावित नई पहल के रूप में देखा जा रहा है।
