
शिवपुरी। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देशानुसार कृषि विज्ञान केंद्र शिवपुरी द्वारा 21 से 25 अक्टूबर तक आयोजित पांच दिवसीय फसल अवशेष प्रबंधन एवं संरक्षित खेती तकनीक प्रशिक्षण के चतुर्थ दिवस पर किसानों को कृषि अभियांत्रिकी विभाग का भ्रमण कराया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने किसानों को नरवाई नहीं जलाने, आधुनिक कृषि यंत्रों से फसल अवशेषों का वैज्ञानिक प्रबंधन करने तथा शासन की विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी दी।
सहायक कृषि यंत्री डॉ. भगवान सिंह नरवरिया एवं डॉ. एम.के. भार्गव ने किसानों को उन्नत कृषि यंत्रों के उपयोग और कस्टम हायरिंग सेवाओं के माध्यम से आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता के बारे में बताया। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉ. पुनीत कुमार ने जिले की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप उपयुक्त फसल चक्र अपनाने और कम लागत में बेहतर कृषि प्रबंधन के तरीके समझाए।
विशेषज्ञों ने बताया कि नरवाई जलाने से मिट्टी के पोषक तत्वों और मित्र कीटों को नुकसान पहुंचता है, जबकि आधुनिक कृषि यंत्रों की सहायता से फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन कर उन्हें जैविक खाद में परिवर्तित किया जा सकता है। इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने और खेती की लागत कम करने में मदद मिलती है।
प्रशासन ने किसानों से नरवाई जलाने की प्रथा छोड़कर फसल अवशेष प्रबंधन एवं संरक्षित खेती की आधुनिक तकनीकों को अपनाने की अपील की है।
