छतरपुर। जनसुनवाई में अपनी परेशानी लेकर पहुंचे एक बेसहारा दिव्यांग के लिए मंगलवार का दिन जिंदगी बदल देने वाला साबित हुआ। ग्राम माधोपुर (चंदला) निवासी 53 वर्षीय द्वारका अहिरवार वर्षों से शारीरिक परेशानी के कारण दूसरों के सहारे जीवन गुजार रहे थे। मंगलवार को वे अपनी समस्या लेकर कलेक्टर मृणाल मीणा के सामने पहुंचे।
जनसुनवाई के दौरान द्वारका अहिरवार की स्थिति और उनकी परेशानी को देखते हुए कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल सामाजिक न्याय विभाग के उपसंचालक को निर्देश दिए कि उन्हें बिना देरी के ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई जाए।
कलेक्टर के निर्देश के बाद मामला केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा। जनसुनवाई समाप्त होने के बाद कलेक्टर मृणाल मीणा स्वयं द्वारका अहिरवार के पास पहुंचे और उन्हें ट्राइसाइकिल सौंपकर उनके आवागमन की समस्या का तत्काल समाधान किया।
ट्राइसाइकिल मिलने के बाद द्वारका अहिरवार के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। लंबे समय से दूसरों के सहारे रहने को मजबूर द्वारका के लिए यह ट्राइसाइकिल सिर्फ एक वाहन नहीं, बल्कि आवागमन की आजादी और आत्मनिर्भरता का नया सहारा बनकर सामने आई।
द्वारका अहिरवार ने ट्राइसाइकिल मिलने पर कलेक्टर एवं जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। जनसुनवाई में हुई इस त्वरित कार्रवाई ने यह संदेश दिया कि जब प्रशासन शिकायत सुनने के साथ उसके समाधान की पहल भी तत्काल करे, तो जनसुनवाई आम नागरिकों के लिए वास्तव में राहत का माध्यम बन सकती है।
