शिवपुरी-करैरा स्थित ITBP आयुध भंडारण क्षेत्र के आसपास करीब एक माह से जवानों को बीच-बीच में दिखाई दे रहे तेंदुए को आखिरकार वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर लिया। तेंदुए की मौजूदगी से क्षेत्र में सतर्कता बढ़ गई थी। इस दौरान तेंदुए द्वारा एक नीलगाय को घायल करने और कुछ कुत्तों का शिकार किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
ITBP RTC DIG की ओर से तेंदुए की लगातार मौजूदगी की सूचना करैरा वन परिक्षेत्र के रेंजर लक्ष्मण सिंह मीणा को दी गई। इसके बाद रेंजर ने माधव टाइगर रिजर्व, शिवपुरी की रेस्क्यू टीम से संपर्क किया। करैरा एसडीओ फॉरेस्ट श्री शांडिल्य के निर्देशन में 26 अगस्त को उस स्थान पर पिंजरा लगाया गया, जहां तेंदुआ अधिक बार दिखाई दे रहा था।
तेंदुए को पिंजरे तक लाने के लिए उसमें एक बकरी बांधी गई थी। रात में बकरी का शिकार करने पहुंचे तेंदुए के पिंजरे में प्रवेश करते ही दरवाजा बंद हो गया। 27 अगस्त की सुबह ITBP की ओर से वन विभाग को पिंजरे में तेंदुए के कैद होने की सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही रेंजर लक्ष्मण सिंह मीणा अपने अधीनस्थ वन अमले के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद माधव टाइगर रिजर्व की रेस्क्यू टीम और करैरा एसडीओ फॉरेस्ट भी मौके पर पहुंचे। टीम ने आवश्यक सावधानियों के साथ तेंदुए को अपने कब्जे में लिया और उसे करैरा से सतनवाड़ा रेंज के चांड क्षेत्र के घने जंगल में ले जाकर सुरक्षित रूप से स्वच्छंद विचरण के लिए छोड़ दिया।
वन विभाग की त्वरित कार्रवाई से ITBP क्षेत्र में तेंदुए की मौजूदगी को लेकर बनी चिंता का समाधान हो गया। रेस्क्यू के दौरान वन विभाग और माधव टाइगर रिजर्व की टीम ने तेंदुए को किसी प्रकार की क्षति पहुंचाए बिना सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कार्रवाई की।
