उमरिया। लगातार दो दिनों से हो रही भारी बारिश ने जिले के ग्रामीण इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। नदी-नाले उफान पर हैं, रास्ते जलमग्न हैं और कई स्थानों पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। ऐसे मुश्किल हालात में उमरिया में SDRF की टीम ने मानवीय संवेदना और कर्तव्यनिष्ठा की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने दो जिंदगियों को सुरक्षित बचा लिया।
15 अगस्त की रात करीब दो बजे शहर के वार्ड क्रमांक 13 जमुनिया निवासी संगीता रजक, पति अमित रजक को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजन घबराए हुए थे। सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस मौके के लिए पहुंची, लेकिन रास्ते में चपहा नाला उफान पर था और पुल के ऊपर से तेज धार में पानी बह रहा था। हालात ऐसे थे कि न तो वाहन आगे बढ़ सकता था और न ही पैदल नाला पार करना सुरक्षित था।
एक तरफ प्रसव पीड़ा से जूझती महिला, दूसरी तरफ उफनता नाला और तेज बारिश—परिजनों के सामने उस वक्त हर पल चिंता और भय से भरा हुआ था। ऐसी विकट परिस्थिति में SDRF की टीम उम्मीद बनकर पहुंची।
टीम के जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। तेज बहाव और जोखिम के बीच प्रसूता को सुरक्षित तरीके से नाले के पार पहुंचाया गया। इसके बाद उसे 108 एंबुलेंस तक पहुंचाया गया, जहां से तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया।
समय पर अस्पताल पहुंचने के बाद संगीता ने एक स्वस्थ बेटी को जन्म दिया। फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं। जिस समय परिवार के सामने सबसे बड़ा संकट खड़ा था, उस समय SDRF के जवानों की तत्परता ने न केवल एक मां को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया, बल्कि उसके नवजात शिशु को भी सुरक्षित दुनिया में आने का मौका दिया।
उफनते पानी के बीच इंसानियत की तस्वीर
SDRF के रेस्क्यू का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोग जवानों की जमकर सराहना कर रहे हैं। वीडियो में उफनते नाले और तेज बहाव के बीच जवानों द्वारा प्रसूता को सुरक्षित निकालते हुए देखा जा सकता है।
यह घटना सिर्फ एक रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं, बल्कि आपदा के समय मानवीय संवेदना, साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण की तस्वीर है। जब एक परिवार अपनी सबसे कठिन घड़ी में असहाय खड़ा था, तब SDRF के जवानों ने आगे बढ़कर जिम्मेदारी संभाली।
भारी बारिश ने जहां जिले के विकास और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित आवागमन के दावों पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं इस घटना ने यह भी दिखाया कि संकट की घड़ी में मुस्तैद बचाव दल किस तरह किसी परिवार के लिए फरिश्ता साबित हो सकता है।
आज संगीता अपनी नवजात बेटी को गोद में लेकर सुरक्षित है। इस बेटी के दुनिया में आने की कहानी में बारिश की उस भयावह रात के साथ SDRF के उन जवानों का साहस भी हमेशा जुड़ा रहेगा, जिन्होंने उफनते नाले के बीच जिंदगी को रास्ता दिया।
