इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, इसके लिए समाज की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सफाई को आदत में शामिल करें और अपने आसपास के क्षेत्रों को साफ-सुथरा रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सरकार कूड़ा प्रबंधन और शहरी सफाई व्यवस्था को मजबूत करने पर लगातार काम कर रही है, लेकिन जब तक नागरिक स्वयं आगे नहीं आएंगे, तब तक स्वच्छता का लक्ष्य पूरी तरह हासिल नहीं किया जा सकता।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और साबरमती रिवरफ्रंट के आसपास के क्षेत्र में सामूहिक सफाई की गई। इस दौरान अधिकारियों और स्वयंसेवकों ने मिलकर कचरा हटाया और नदी किनारे के हिस्सों को साफ किया। अभियान के दौरान उपस्थित लोगों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई, जिसमें उन्होंने अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि यह अभियान केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि इसे निरंतर जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘स्वच्छ भारत’ अभियान ने देशभर में स्वच्छता को लेकर एक नई सोच विकसित की है, और अब इसे और आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी नागरिकों की भी है। उन्होंने यह भी कहा कि जब समाज का हर वर्ग इस अभियान से जुड़ेगा, तभी वास्तविक परिवर्तन संभव होगा।
इस कार्यक्रम में मंत्री दर्शना वाघेला, स्थानीय विधायक, नगर निगम के अधिकारी, पुलिसकर्मी और कई सामाजिक संगठन भी शामिल हुए। सभी ने मिलकर इस पहल को सफल बनाने में योगदान दिया और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया। कार्यक्रम के दौरान रिवरफ्रंट पर विशेष सफाई व्यवस्था की गई और आसपास के इलाकों में भी स्वच्छता अभियान चलाया गया।
इस पूरे आयोजन को सरकार की ओर से एक बड़े जन आंदोलन के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता को स्थायी रूप से मजबूत करना है। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे अभियानों से न केवल वातावरण साफ रहता है, बल्कि लोगों में जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना भी विकसित होती है।
अंत में यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि स्वच्छता केवल प्रशासन का काम नहीं, बल्कि हर नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। ऐसे अभियानों से समाज में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद बढ़ती है और आने वाले समय में अहमदाबाद जैसे शहरों को और अधिक स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
