फिल्म की कहानी उत्तराखंड के एक पहाड़ी शहर की पृष्ठभूमि में आगे बढ़ती है। इसमें एक पति-पत्नी के बीच अपनी बेटी के भविष्य को लेकर शुरू हुई बहस धीरे-धीरे गंभीर पारिवारिक संघर्ष में बदल जाती है। बेटी के भविष्य को लेकर दोनों की सोच और फैसले अलग हैं, जिसके कारण परिवार के भीतर तनाव बढ़ता जाता है। फिल्म इसी संघर्ष के जरिए यह सवाल उठाती है कि बच्चे के भविष्य को तय करने का अधिकार किसके पास होना चाहिए और परिवार में शक्ति, अधिकार तथा विरासत जैसे मुद्दे किस तरह रिश्तों को प्रभावित कर सकते हैं।
‘तुम रहे ना तुम’ में पारिवारिक रिश्तों के साथ पितृसत्ता, असुरक्षा और भावनात्मक घाव जैसे विषयों को भी प्रमुखता से दिखाया गया है। कहानी यह बताने की कोशिश करती है कि परिवार के भीतर मौजूद असुरक्षा और पुराने भावनात्मक अनुभव किस तरह रिश्तों और फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं। बेटी के भविष्य को लेकर शुरू हुआ विवाद केवल माता-पिता के बीच मतभेद तक सीमित नहीं रहता, बल्कि धीरे-धीरे परिवार के भीतर मौजूद कई गहरे सवालों को सामने लाता है। फिल्म में मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक पहलुओं को कहानी के केंद्र में रखा गया है।
फिल्म का निर्देशन प्रेम मोदी ने किया है। जिमी शेरगिल और दिव्या दत्ता मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। इनके अलावा तनिष्का तिवारी, हर्ष छाया, जरीना वहाब और राजेश जैस भी महत्वपूर्ण किरदार निभा रहे हैं। फिल्म का निर्माण विन्नी चावला, वृंदा चावला और सोनू कात्याल ने किया है। इसे फैनेटिकली फिल्मी प्राइवेट लिमिटेड के बैनर तले बनाया गया है। फिल्म की पटकथा राकेश कुमार त्रिपाठी ने लिखी है, जबकि विक्रमजीत रॉय इसके एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं।
दीपांकर ‘जोजो’ चाकी फिल्म के एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर होने के साथ इसके साउंड डिजाइनर भी हैं। फिल्म का टोरंटो में वर्ल्ड प्रीमियर इसके सफर की महत्वपूर्ण शुरुआत माना जा रहा है। जिमी शेरगिल ने फिल्म के प्रीमियर को खास बताते हुए कहा कि कहानी एक भारतीय परिवार पर आधारित है, लेकिन इसकी भावनाएं सभी के लिए समान हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि फिल्म भाषा और भूगोल की सीमाओं से आगे जाकर दर्शकों से जुड़ सकेगी।
फिल्म की कहानी में परिवार, रिश्तों, अधिकार और बेटी के भविष्य से जुड़े सवालों को मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक नजरिए से पेश किया गया है। उत्तराखंड के पहाड़ी शहर की पृष्ठभूमि में पति-पत्नी के बीच बढ़ता संघर्ष कहानी को आगे ले जाता है। ‘तुम रहे ना तुम’ के जरिए एक भारतीय परिवार के भीतर के तनाव और भावनात्मक जटिलताओं को सामने लाने की कोशिश की गई है। टोरंटो में होने वाला इसका वर्ल्ड प्रीमियर फिल्म को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने पेश करने का पहला बड़ा अवसर होगा।
