यह यूनिट 16 नवंबर 2025 से लगातार संचालन में है और तब से अब तक बिना किसी बड़े व्यवधान के विद्युत उत्पादन कर रही है। इस दौरान यूनिट ने उच्च स्तरीय परिचालन मानकों पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है जिससे यह साबित होता है कि संयंत्र की तकनीकी व्यवस्था और रखरखाव प्रणाली बेहद मजबूत है।
उत्पादन के दौरान यूनिट नंबर 5 ने 98.64 प्रतिशत का प्लांट अवेलेबिलिटी फैक्टर हासिल किया जो यह दर्शाता है कि संयंत्र लगभग पूरी क्षमता के साथ उपलब्ध और सक्रिय रहा। इसके साथ ही 98.45 प्रतिशत का प्लांट लोड फैक्टर दर्ज किया गया जो उत्पादन क्षमता के अधिकतम उपयोग को इंगित करता है। वहीं ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र में भी यूनिट ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए सहायक विद्युत खपत को केवल 5.52 प्रतिशत तक सीमित रखा जो एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
इस उपलब्धि के पीछे केवल मशीनों की दक्षता ही नहीं बल्कि वहां कार्यरत अभियंताओं तकनीकी कर्मचारियों और श्रमिकों की निरंतर मेहनत और समर्पण भी अहम भूमिका में रहा है। टीम ने कठिन परिस्थितियों में भी संयंत्र के सुचारू संचालन को सुनिश्चित किया और नियमित निगरानी के साथ समय पर रखरखाव कर उत्पादन को बिना बाधा जारी रखा।
यह पहली बार नहीं है जब इस यूनिट ने ऐसा प्रदर्शन किया हो। वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी इस संयंत्र की कई यूनिटों ने 100 दिनों से अधिक लगातार उत्पादन का रिकॉर्ड बनाया था। यूनिट नंबर 5 पहले भी दो बार यह उपलब्धि हासिल कर चुकी है और अब वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत 150 दिनों के नए रिकॉर्ड के साथ की है जिससे इसकी विश्वसनीयता और बढ़ गई है।
इस उपलब्धि को मध्यप्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है जो राज्य की बिजली उत्पादन क्षमता और आत्मनिर्भरता को और मजबूत करता है। लगातार उत्पादन का यह रिकॉर्ड आने वाले समय में अन्य यूनिटों के लिए भी एक प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है।
