मंत्री कैलाश विजयवर्गीय शुक्रवार को इंदौर के कुशवाह नगर चौराहे पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। यहां कुशवाह नगर मेन रोड के निर्माण कार्य और अमृत 2.0 योजना के तहत नर्मदा लाइन बिछाने के काम का शुभारंभ किया गया। इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने शहर में भविष्य में पैदा होने वाली पानी की समस्या को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि आने वाला समय सभी के लिए जलसंकट की चुनौती लेकर आ सकता है। ऐसे में केवल प्रशासनिक प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे बल्कि जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों को भी पानी बचाने की जिम्मेदारी समझनी होगी।
विजयवर्गीय ने कहा कि वह अपने स्तर पर पानी बचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं और सभी जनप्रतिनिधियों से भी इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील करेंगे। उन्होंने नर्मदा नदी के जलस्तर को लेकर कहा कि यदि पानी निर्धारित स्तर से नीचे चला जाता है तो पंपिंग की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इससे शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। इस समस्या के समाधान के लिए नर्मदा परियोजना और हाइड्रो प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों के साथ भोपाल में बैठक करने की योजना है। बैठक में नदी का जरूरी जलस्तर बनाए रखने और पंपिंग व्यवस्था को प्रभावित होने से बचाने के उपायों पर चर्चा की जाएगी।
कुशवाह नगर में सड़क निर्माण को लेकर भी मंत्री ने जानकारी दी। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को नुकसान से बचाने के लिए सड़क की चौड़ाई 60 फीट रखने की अनुमति दी गई है। सड़क निर्माण से पहले संबंधित लाइन बिछाने का काम पूरा किया जाएगा और दीपावली के बाद निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधा मिल सके। इसके अलावा कालानी नगर में लगातार बने रहने वाले यातायात दबाव को देखते हुए वहां ब्रिज बनाने की जरूरत भी बताई। विजयवर्गीय ने महापौर पुष्यमित्र भार्गव से इसके लिए योजना तैयार करने को कहा है।
इस दौरान मंत्री ने विपक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी के बाद देश में इतना गैरजिम्मेदार विपक्ष देखने को नहीं मिला। उन्होंने एक नेता के उस ट्वीट का जिक्र किया जिसमें अल्बेरिया में छात्रों के आंदोलन को लेकर टिप्पणी की गई थी। विजयवर्गीय ने सवाल उठाया कि क्या ऐसे बयान देश में भी अशांति फैलाने की कोशिशों को बढ़ावा दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार के साथ विपक्ष की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है और संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाने से लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हो सकती है। उनके मुताबिक सरकार किसी भी दल की हो लेकिन देश में लोकतंत्र का मजबूत बने रहना जरूरी है।
विभाग में भ्रष्टाचार से जुड़े सवाल पर विजयवर्गीय ने बताया कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जा रही है। कुछ लोगों को निलंबित किया गया है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया गया है। मंत्री के बयान के बाद इंदौर में जल संरक्षण और नर्मदा के जलस्तर को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आने वाले समय में शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को सुरक्षित बनाए रखने के लिए प्रशासनिक तैयारियों के साथ आम लोगों की भागीदारी भी अहम मानी जा रही है।
