जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र पहले से ही मंदसौर के औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां उपलब्ध आधुनिक सुविधाओं और बेहतर आधारभूत ढांचे के कारण उद्योगपतियों की रुचि लगातार बढ़ रही है। पहले चरण में विकसित सभी औद्योगिक भूखंड आवंटित हो चुके थे, जिसके बाद नए निवेशकों की मांग को देखते हुए अनुपयोगी भूमि का विकास कर आठ नए प्लॉट तैयार किए गए हैं। इन भूखंडों के लिए ई-बिडिंग प्रक्रिया शुरू होने से उद्योग जगत में उत्साह का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, फेज-1 में उपलब्ध कराए गए आठ नए प्लॉटों में दो भूखंड 1469.77 वर्गमीटर क्षेत्रफल के हैं, जबकि छह भूखंड 1153.74 वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित किए गए हैं। इन पर मुख्य रूप से लघु एवं मध्यम स्तर के उद्योग स्थापित किए जा सकेंगे। औद्योगिक विशेषज्ञों का मानना है कि इन भूखंडों की उपलब्धता से स्थानीय उद्यमियों के साथ-साथ बाहरी निवेशकों को भी व्यवसाय विस्तार का अवसर मिलेगा।
एमपीआईडीसी द्वारा प्रदेशभर में कुल 213 औद्योगिक प्लॉटों के आवंटन के लिए ई-बिडिंग प्रक्रिया संचालित की जा रही है, जिसमें जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र भी शामिल है। प्रदेश सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों और निवेश प्रोत्साहन कार्यक्रमों का सकारात्मक असर अब छोटे और मध्यम शहरों में भी दिखाई देने लगा है। मंदसौर जैसे कृषि प्रधान जिले में औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए शुभ संकेत माना जा रहा है।
जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र की सबसे बड़ी विशेषता यहां उपलब्ध आधुनिक आधारभूत सुविधाएं हैं। बेहतर सड़क नेटवर्क, निर्बाध बिजली आपूर्ति, जल उपलब्धता और अन्य आवश्यक सुविधाओं ने इसे निवेशकों के लिए आकर्षक केंद्र बना दिया है। यही कारण है कि यहां उद्योग स्थापित करने के लिए लगातार मांग बढ़ रही है। उद्योगों के विस्तार से न केवल स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
वर्तमान में जग्गाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र के फेज-1 में विकसित 136 औद्योगिक प्लॉट पूरी तरह आवंटित हो चुके हैं। यहां संचालित 78 औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से लगभग 700 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है। इसके अलावा फेज-2 का विकास कार्य भी तेजी से जारी है, जहां 219 नए औद्योगिक प्लॉट विकसित किए जा रहे हैं। इससे आने वाले वर्षों में क्षेत्र के औद्योगिक परिदृश्य में और बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
एमपीआईडीसी के अधिकारियों का मानना है कि मध्यप्रदेश तेजी से निवेशकों की पसंदीदा औद्योगिक गंतव्य के रूप में उभर रहा है। संतुलित क्षेत्रीय विकास की नीति के तहत छोटे जिलों में भी औद्योगिक निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। जग्गाखेड़ी में नए भूखंडों की उपलब्धता इसी रणनीति का हिस्सा है, जो भविष्य में मंदसौर को औद्योगिक मानचित्र पर और अधिक मजबूत पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
