विपक्ष पर साधा निशाना, पुराने विरोध की दिलाई याद
सांसद सुमित्रा वाल्मीकि ने विपक्षी दलों पर हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग पहले महिला आरक्षण बिल का विरोध कर रहे थे, वही अब इसके लागू होने की तारीख पूछ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इस मुद्दे पर दोहरे रवैये के साथ जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहा है, जबकि केंद्र सरकार ने इसे पूरी गंभीरता से आगे बढ़ाया है।
16 अप्रैल को बिल पारित होने का दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद वाल्मीकि ने दावा किया कि महिला आरक्षण बिल 16 अप्रैल को पारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर यह विधेयक कानून का रूप ले लेगा। इस कानून के लागू होने से देश की संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, जिससे उनकी भागीदारी और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी।
महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक भागीदारी पर जोर
सांसद ने कहा कि यह बिल महिलाओं को राजनीति में समान अवसर देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे न केवल महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि नीति निर्माण में भी उनकी भूमिका अधिक प्रभावी होगी। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिए गए ऐतिहासिक निर्णयों में से एक बताया।
बंगाल और विपक्ष पर भी टिप्पणी
इस दौरान बंगाल चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर सुमित्रा वाल्मीकि ने कहा कि वहां भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा जनता के मुद्दों पर काम कर रही है और अत्याचारों के खिलाफ मजबूती से खड़ी है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी कई राज्यों में संघर्ष कर रही है और जनता अब भाजपा की नीतियों पर भरोसा जता रही है।
राजनीतिक माहौल गरमाया
महिला आरक्षण बिल को लेकर दिए गए इस बयान के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। एक ओर भाजपा इसे महिला सशक्तिकरण का बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष के रुख और प्रतिक्रिया को लेकर सियासी बहस जारी है।
