यह घटना ट्रेन संख्या 11754 रीवा–इतवारी एक्सप्रेस के जनरल कोच के पास हुई। जानकारी के अनुसार योगिता श्रीवास उम्र 38 वर्ष अपने पति के साथ यात्रा कर रही थीं और ट्रेन में चढ़ने का प्रयास कर रही थीं। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वह असंतुलित होकर प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच खतरनाक स्थिति में पहुंच गईं। कुछ ही पल में स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी।
इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात GRP आरक्षक 104 दिनेश कुमार पटेल और RPF आरक्षक प्रमोद मिश्रा ने स्थिति को देखते ही बिना देरी किए कार्रवाई की। दोनों जवानों ने तेजी से दौड़कर महिला को पकड़ लिया और खींचकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। अगर कुछ सेकेंड की भी देरी होती तो यह घटना जानलेवा साबित हो सकती थी। लेकिन उनकी तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह घटना बेहद डरावनी थी और आसपास मौजूद यात्री भी कुछ समय के लिए स्तब्ध रह गए थे। लेकिन जवानों की बहादुरी के बाद सभी ने राहत की सांस ली और उनकी सराहना की।
यह घटना एक बार फिर रेलवे सुरक्षा और यात्रियों की लापरवाही की ओर ध्यान खींचती है। अक्सर देखा जाता है कि यात्री चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने की कोशिश करते हैं जो बेहद खतरनाक होता है और कई बार जानलेवा साबित हो सकता है।
रेलवे प्रशासन लगातार यात्रियों से अपील करता है कि ट्रेन पूरी तरह रुकने के बाद ही उसमें चढ़ें या उतरें। थोड़ी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। मैहर की यह घटना इस बात का उदाहरण है कि सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई से जान बचाई जा सकती है।
