सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देर किए मौके पर दबिश दी और संदिग्ध वाहन को घेर लिया। जब कार की तलाशी ली गई तो उसमें सवार दो व्यक्तियों के पास से खतरनाक हथियार और गोला बारूद बरामद हुआ। तलाशी के दौरान एक 30 बोर की राइफल और एक 22 बोर की राइफल के साथ 22 बोर के दो जिंदा कारतूस और 30 बोर का एक जिंदा कारतूस मिला। इसके अलावा मौके से एक चला हुआ खोखा भी बरामद किया गया जिससे यह आशंका और गहरा गई कि हथियारों का इस्तेमाल पहले भी किया जा चुका है या फिर किसी वारदात की तैयारी चल रही थी।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया और उनके कब्जे से सभी हथियार और गोला बारूद जब्त कर लिया। साथ ही जिस महिंद्रा कंपनी की मेजर कार में आरोपी सवार थे उसे भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। जब्त वाहन का नंबर केए 12 एन 4252 बताया जा रहा है जो कर्नाटक में पंजीकृत है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अरुण चिनगप्पा और गार्डन पेप्टिस के रूप में की गई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उनसे पूछताछ शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आखिर ये आरोपी इतने हथियार लेकर किस उद्देश्य से घूम रहे थे और क्या इनके तार किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क या अवैध शिकार से जुड़े हुए हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। यह भी खंगाला जा रहा है कि हथियार कहां से लाए गए और क्या इनका इस्तेमाल किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में किया जाना था। साथ ही आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड और उनके संपर्कों की भी जांच की जा रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
इस कार्रवाई को पुलिस की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है जिसने संभावित खतरे को समय रहते टाल दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है और उम्मीद की जा रही है कि पूछताछ में कई अहम खुलासे हो सकते हैं जो किसी बड़े आपराधिक गिरोह तक पहुंचा सकते हैं।
