सबसे पहले फोन की Settings में जाकर Apps या Applications वाले विकल्प को चेक किया जा सकता है। यहां फोन में इंस्टॉल किए गए ऐप्स की पूरी सूची दिखाई देती है। अगर कोई ऐप होम स्क्रीन पर नजर नहीं आ रहा है लेकिन इंस्टॉल किए गए ऐप्स की सूची में मौजूद है तो संभव है कि उसका आइकन छिपाया गया हो। इस सूची को ध्यान से देखने पर ऐसे ऐप्स की जानकारी मिल सकती है जिनका इस्तेमाल फोन में हो रहा है।
इसके अलावा कई स्मार्टफोन में Hidden Apps या Hide Apps जैसा फीचर दिया जाता है। अलग अलग कंपनियों के फोन में इसका विकल्प अलग जगह पर हो सकता है। आमतौर पर होम स्क्रीन की सेटिंग्स या लॉन्चर सेटिंग्स में जाकर इस सुविधा की जानकारी मिल सकती है। अगर फोन में यह फीचर उपलब्ध है तो यहां जाकर देखा जा सकता है कि कौन कौन से ऐप्स छिपाए गए हैं। हालांकि हर फोन में यह सुविधा उपलब्ध हो जरूरी नहीं है।
एंड्रॉयड फोन में Google Play Store के जरिए भी ऐप्स की जानकारी देखी जा सकती है। Play Store खोलकर प्रोफाइल सेक्शन में जाकर ऐप्स और डिवाइस से जुड़े विकल्पों की जांच की जा सकती है। इससे फोन में इंस्टॉल या पहले इस्तेमाल किए गए ऐप्स के बारे में जानकारी हासिल करने में मदद मिल सकती है। वहीं iPhone इस्तेमाल करने वाले अभिभावक Settings में जाकर ऐप्स की सूची और स्क्रीन टाइम से जुड़े विकल्पों को देख सकते हैं। Screen Time के जरिए यह भी समझने में मदद मिल सकती है कि फोन पर किन ऐप्स का इस्तेमाल ज्यादा किया जा रहा है।
हालांकि बच्चों के फोन की जांच करते समय केवल निगरानी पर निर्भर रहने के बजाय उनसे बातचीत करना भी बेहद जरूरी है। इंटरनेट पर कई तरह के ऐप्स और वेबसाइट मौजूद हैं जिनका इस्तेमाल बच्चों के लिए जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए माता पिता को बच्चों को ऑनलाइन प्राइवेसी पासवर्ड साइबर फ्रॉड और अनजान लोगों से बातचीत के खतरों के बारे में समझाना चाहिए। किसी भी ऐप को केवल उसके नाम या आइकन देखकर सुरक्षित मान लेना सही नहीं है। अगर कोई अनजान ऐप दिखाई देता है तो उसे हटाने से पहले यह पता करना बेहतर है कि वह किस काम के लिए इस्तेमाल होता है।
सबसे जरूरी बात यह है कि बच्चों की डिजिटल सुरक्षा और उनकी निजता के बीच संतुलन बनाए रखा जाए। फोन में छिपे ऐप्स की जांच का उद्देश्य बच्चों पर नजर रखना भर नहीं बल्कि उन्हें ऑनलाइन खतरों से सुरक्षित रखना होना चाहिए। नियमित बातचीत और सही डिजिटल आदतों के जरिए माता पिता बच्चों को स्मार्टफोन का सुरक्षित इस्तेमाल करना सिखा सकते हैं।
