तेहरान। अमेरिका (America) ने हाल ही में ईरान (Iran.) के बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी (Naval blockade) लगा दी है। इसका मतलब है कि कोई भी जहाज ईरान के बंदरगाहों (Iranian Ports) पर नहीं जा सकता या वहां से नहीं आ सकता। यह ब्लॉकेड 13 अप्रैल को लागू हुआ। इसका मकसद ईरान के तेल व्यापार को रोकना है। खासतौर से उन जहाजों को रोका जा रहा है जो ईरानी बंदरगाहों (Iranian Ports) या तटीय क्षेत्रों में आते-जाते हैं। अब एक चीनी कंपनी से जुड़े टैंकर ने इस नाकेबंदी की परीक्षा ली है जिसका दुनिया भर में खूब चर्चा हो रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस चीनी टैंकर का नाम रिच स्टारी है। यह चीन की शंघाई Xuanrun शिपिंग कंपनी का है। अमेरिका ने 2023 में इसे प्रतिबंधित कर दिया था क्योंकि यह ईरान को प्रतिबंधों से बचने में मदद कर रहा था। टैंकर में लगभग 2.5 लाख बैरल मेथेनॉल (एक तरह का केमिकल) था। ब्लॉकेड शुरू होते ही यह होर्मुज स्ट्रेट से गुजरा और खाड़ी से बाहर निकल गया।
स्ट्रेट से निकलने में कैसे सफल रहा चीनी टैंकर
पहले टैंकर होर्मुज के पास पहुंचकर वापस मुड़ गया। कुछ घंटों बाद फिर आगे बढ़ा और सफलतापूर्वक बाहर निकल गया। बाहर निकलने के बाद उसने यू-टर्न कर लिया। इसका गंतव्य ओमान का बंदरगाह था, लेकिन बाद में बदल दिया गया। इस दौरान उसने अपनी चीनी मालिकाना जानकारी भी सार्वजनिक कर दी। कई अन्य जहाज भी इसी समय स्ट्रेट पार कर चुके हैं।
सीजफायर
इस घटना से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। चीन ने अमेरिका के इस ब्लॉकेड की कड़ी निंदा की है और इसे खतरनाक बताया है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने इसे गैर-जिम्मेदाराना करार दिया। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि इससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ सकता है। शिपिंग कंपनियां अब सतर्क हो गई हैं क्योंकि तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। यह घटना दिखाती है कि नाकेबंदी कितना प्रभावी है और आगे क्या हो सकता है।
