NMESIS यानी Navy Marine Expeditionary Ship Interdiction System एक भूमि-आधारित, रिमोट-ऑपरेटेड मिसाइल सिस्टम है, जिसे दुश्मन के युद्धपोतों को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। Reuters के मुताबिक इसे C-130 विमान से बटानेस पहुंचाया गया और बेस्को इलाके में रखा गया, लेकिन यह सिर्फ प्रदर्शन और व्यवहार्यता जांच के लिए था, लाइव-फायर हमले के लिए नहीं। इसकी मारक क्षमता लगभग 185 किलोमीटर बताई गई है।
अमेरिकी स्टाफ सार्जेंट डैरेन गिब्स के अनुसार, बटानेस जैसा इलाका सिस्टम को वास्तविक परिस्थितियों में परखने का मौका देता है, क्योंकि यहां प्रशिक्षण रोजमर्रा के माहौल से अलग है। उन्होंने यह भी कहा कि NMESIS को इस तरह बनाया गया है कि इसे दूर से संचालित किया जा सके, यानी इसके लिए वाहन के अंदर ड्राइवर या यात्री की जरूरत नहीं पड़ती।
इस साल के Balikatan अभ्यास अब तक के सबसे बड़े अभ्यासों में से एक हैं। Reuters के मुताबिक इनमें 17,000 से ज्यादा सैनिक शामिल हैं, जिनमें करीब 10,000 अमेरिकी सैनिक हैं। अभ्यास 20 अप्रैल से 8 मई तक चल रहे हैं और इनमें समुद्री हमले, वायु-रक्षा और बहुराष्ट्रीय समन्वय की वास्तविक परिस्थितियों जैसी ट्रेनिंग पर जोर दिया जा रहा है।
फिलीपींस के अधिकारियों का कहना है कि ऐसे अभ्यास दूरदराज के इलाकों में हथियारों की तैनाती और संचालन की व्यवहार्यता जांचने के लिए भी जरूरी हैं। बटानेस में NMESIS की तैनाती को इसी व्यापक तैयारी का हिस्सा बताया गया है।
चीन ने इन अभ्यासों और अमेरिकी हथियारों की उपस्थिति पर बार-बार आपत्ति जताई है। Reuters के मुताबिक बीजिंग इसे क्षेत्रीय तनाव बढ़ाने वाला कदम मानता है, जबकि अमेरिका और फिलीपींस का कहना है कि ये अभ्यास किसी एक देश को निशाना बनाकर नहीं किए जा रहे।
कुल मिलाकर, बटानेस में NMESIS की तैनाती सिर्फ एक सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि दक्षिण चीन सागर और ताइवान जलडमरूमध्य के बीच बदलते शक्ति-संतुलन का संकेत है। समुद्री युद्ध की रणनीति में अब छोटे द्वीप, रिमोट मिसाइल सिस्टम और तेज तैनाती वाले हथियार बेहद अहम हो चुके हैं।
