शिवपुरी। सुभाषपुरा थाना क्षेत्र के गुनाया गांव में प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप कर एक बाल विवाह रुकवाया। प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव में एक नाबालिग बालिका का विवाह कराया जा रहा था, जिसकी सूचना कलेक्टर अर्पित वर्मा तक पहुंची।
सूचना मिलते ही कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग को तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी धीरेंद्र सिंह जादौन के निर्देशन में परियोजना अधिकारी अमित यादव, पर्यवेक्षक मंजू धाकड़ और किरन झा के साथ सुभाषपुरा थाना प्रभारी राजीव दुबे एवं पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
जांच के दौरान दस्तावेजों के आधार पर बालिका की उम्र 12 वर्ष 7 माह पाई गई। इसके बाद अधिकारियों ने परिजनों को बाल विवाह निषेध कानून के बारे में विस्तार से जानकारी दी। समझाइश के बाद परिजनों ने लिखित आश्वासन दिया कि बालिका का विवाह 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद ही किया जाएगा।
प्रशासन द्वारा बताया गया कि अक्षय तृतीया के अवसर पर जिले में बाल विवाह की रोकथाम के लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है। कलेक्टर के निर्देश पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है और विकासखंड व पंचायत स्तर पर निगरानी दल गठित किए गए हैं, जो विवाह समारोहों पर नजर बनाए हुए हैं।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि बाल विवाह की सूचना 181, 1098 या कंट्रोल रूम नंबर 07492-356963 पर दें। सूचनादाता का नाम पूर्णतः गोपनीय रखा जाता है।
कानूनी प्रावधानों के अनुसार विवाह के लिए लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष निर्धारित है। इससे कम आयु में विवाह करना दंडनीय अपराध है, जिसमें 3 वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। बाल विवाह में किसी भी प्रकार की सहभागिता या प्रोत्साहन भी कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है।
