नए आदेश में तय होगी अनिवार्यता और छूट
आयुक्त ने कहा कि प्रस्तावित आदेश में यह बिंदु स्पष्ट रूप से शामिल किया जाएगा कि किन श्रेणी के शिक्षकों को परीक्षा देना जरूरी होगा। साथ ही नियमों के तहत कुछ शिक्षकों को राहत देने के प्रावधानों को भी परिभाषित किया जाएगा, जिससे भ्रम की स्थिति खत्म हो सके।
सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका की तैयारी
मामले को लेकर विभाग शासकीय अधिवक्ता से कानूनी राय ले रहा है। राय मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने पर निर्णय लिया जाएगा। इससे पहले कोर्ट ने सख्त निर्देश देते हुए सेवा में बने रहने और प्रमोशन के लिए TET पास करना अनिवार्य कर दिया था।
बैठक में कई अहम प्रशासनिक निर्णय
सोमवार को आयोजित बैठक में शिक्षक संगठनों और अधिकारियों के साथ चर्चा के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें लंबित वेतनवृद्धि और समयमान वेतनमान से जुड़े मामलों को जल्द निपटाने पर सहमति बनी।
प्रशिक्षण और मार्गदर्शन कार्यक्रम की तैयारी
यदि न्यायालय के निर्देश यथावत रहते हैं, तो TET में शामिल होने वाले शिक्षकों के लिए तहसील और विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें सिलेबस आधारित मार्गदर्शन दिया जाएगा ताकि शिक्षक परीक्षा की बेहतर तैयारी कर सकें।
DPI स्तर पर परामर्श बैठक का निर्णय
लंबित समस्याओं के समाधान के लिए डीपीआई स्तर पर एक परामर्शदात्री बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसका उद्देश्य सभी पक्षों को साथ लेकर समाधान निकालना है।
शिक्षक संगठनों में असंतोष
हालांकि इस बैठक को लेकर कुछ शिक्षक संगठनों ने असंतोष जताया है। उनका कहना है कि सभी प्रभावित संगठनों को शामिल नहीं किया गया, जिससे लिए गए निर्णयों की वैधता पर सवाल उठते हैं। कुछ संगठनों ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे अधिकृत प्रतिनिधिमंडल के साथ ही चर्चा को मान्यता देंगे।
क्या है TET परीक्षा?
TET यानी Teacher Eligibility Test एक राष्ट्रीय स्तर की पात्रता परीक्षा है, जिसे राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा 2010 में अनिवार्य किया गया था। यह परीक्षा कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षकों की योग्यता निर्धारित करती है और शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत इसकी वैधानिकता तय की गई है।
सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख
1 सितंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि जिन शिक्षकों की सेवा अवधि 5 वर्ष से अधिक शेष है, उन्हें TET पास करना अनिवार्य होगा। अन्यथा उन्हें सेवा छोड़नी पड़ सकती है या अनिवार्य सेवानिवृत्ति का सामना करना पड़ सकता है।
